कटिहार के कोढ़ा अंचल में सात राजस्व कर्मचारियों सहित जिले में 43 कर्मचारियों को हड़ताल के लिए निलंबित किया गया
कटिहार, संवाददाता शक्ति झा: कटिहार जिले के कोढ़ा अंचल में राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने सात कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हड़ताल पर नहीं लौटने और कार्य में लापरवाही के कारण की गई।
निलंबित कर्मचारियों में रंजीत कुमार, ममता चौधरी, संजीव कुमार, अभिजीत आनंद, फैज अकरम, सरोज कुमार ठाकुर और विकास कुमार शामिल हैं। इसके अलावा, प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार जिले में कुल 43 राजस्व कर्मचारियों को हड़ताल के कारण निलंबित किया गया है। यह कदम अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर उठाया गया, जिन्होंने 15 मई 2025 को सभी हड़ताली कर्मचारियों को शाम 5:00 बजे तक अपने कार्यस्थल पर लौटने का आदेश दिया था।
कोढ़ा अंचल अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सात कर्मचारियों ने आदेश की अवहेलना की और काम पर नहीं लौटे। इसके चलते विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय कटिहार अनुमंडल कार्यालय निर्धारित किया गया है, और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता व महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई जिले में अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए की गई है।
हड़ताल के कारण कोढ़ा अंचल और जिले के अन्य हिस्सों में जमीन से जुड़े काम, जैसे दाखिल-खारिज, जाति प्रमाणपत्र, और आय प्रमाणपत्र बनवाने में लोगों को भारी परेशानी हुई। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार के बरारी प्रखंड सहित अन्य अंचलों में भी हड़ताल से जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हड़ताल की वजह से उनके जरूरी कागजी काम अटक गए, जिससे वे काफी परेशान हुए।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह निलंबन कर्मचारियों को अनुशासन का महत्व समझाने के लिए है। अपर मुख्य सचिव ने साफ किया था कि कार्य में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की जांच हो सकती है, और जरूरत पड़ने पर और सख्त कार्रवाई भी संभव है।
कटिहार जिले में 43 कर्मचारियों का निलंबन इस बात का संकेत है कि प्रशासन हड़ताल के कारण कार्य बाधित होने से चिंतित है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन वे चाहते हैं कि उनके लंबित काम जल्द पूरे हों। कोढ़ा अंचल और पूरे जिले में यह निलंबन प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव को दर्शाता है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और राजस्व कार्यालयों में कामकाज सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। यह घटना कटिहार में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, और जनता चाहती है कि भविष्य में ऐसी परेशानियां कम हों।

