डंडखोरा में दो वर्षीय मासूम की पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत, इलाके में शोक
कटिहार, 11 जून 2025: बिहार के कटिहार जिले के डंडखोरा पंचायत के पान टोला में बुधवार दोपहर एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सड़क किनारे बने एक पोखर में खेलते समय दो वर्षीय मासूम आनंद कुमार की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से मासूम के परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतक आनंद कुमार पिता राजा उरांव का इकलौता बेटा था। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 2 बजे आनंद अपनी मां और फुआ के साथ घर के बाहर था। वह सड़क किनारे बांस के झाड़ के नीचे मोड़ी (पकवान) खा रहा था, जबकि उसकी मां और फुआ घर के काम में व्यस्त थीं। इसी दौरान मासूम खेलते-खेलते अचानक पास के पोखर में जा गिरा। पानी में अधिक समय तक रहने के कारण वह बेहोश हो गया।
जब परिजनों को बच्चे के गायब होने का पता चला, तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आनंद को पोखर से निकाला गया और तुरंत डंडखोरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही डंडखोरा पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया, “हमने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। हमने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की है।”
स्थानीय ग्रामीण पांच शेख अजमेर ने बताया, “जैसे ही हमें घटना की खबर मिली, हम तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र ले गए। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। यह बहुत दुखद है।” उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मासूम की दादी ने रोते हुए बताया, “पोखर हमारे घर से सिर्फ 200 मीटर दूर है। हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा। हम सब टूट चुके हैं।” आनंद की मां ने बिलखते हुए कहा, “वह हमारा इकलौता बेटा था। उस समय मेरे पति काम के लिए बाहर गए थे। अब हमारा सब कुछ चला गया।”
इस हादसे ने सड़क किनारे बने खुले पोखरों की सुरक्षा पर सवाल उठा दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पोखर को तत्काल सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों। एक ग्रामीण, मोहम्मद इरशाद, ने कहा, “यह पोखर पहले भी कई बार खतरा बन चुका है। प्रशासन को इसे बंद करना चाहिए या इसके चारों ओर बाड़ लगानी चाहिए।”
डंडखोरा पंचायत के इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। ग्रामीण और स्थानीय नेता पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

