कटिहार में पत्रकार रतन पासवान पर हमला, प्रेस की आजादी पर खतरा
कटिहार, 23 जून 2025: बिहार के कटिहार में पत्रकारिता की सच्चाई उजागर करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। स्थानीय पत्रकार रतन कुमार पासवान पर अस्पताल की लापरवाही की खबर प्रकाशित करने के बाद न केवल जानलेवा धमकी मिली, बल्कि उन पर शनिवार, 22 जून 2025 को हमला भी हुआ। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मामला 19 जून का है, जब रतन ने कटिहार सदर अस्पताल की लापरवाही पर खबर चलाई, जिसमें सांप काटने से दो मासूम बच्चों की मौत का उल्लेख था। इस खबर से बौखलाए अस्पताल के फार्मासिस्ट मनोज चौधरी ने फेसबुक पर पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट लिखी और “खून की नदियां बहा देंगे” जैसी धमकी दी। रात 11:30 बजे रतन को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली। 22 जून को पोस्टमार्टम हाउस के पास मनोज ने रतन पर हमला कर उनकी जेब से 10,000 रुपये लूट लिए, मोबाइल तोड़ दिया और रिपोर्टिंग के लिए 2 लाख रुपये की उगाही की मांग की। डरे-सहमे रतन ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
यह घटना कटिहार में पत्रकारों के लिए असुरक्षित माहौल को उजागर करती है। कटिहार पत्रकार संघ ने हमले की निंदा की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। रतन ने दर्पण लाइव से कहा, “हम सिर्फ सच दिखा रहे थे, लेकिन अब हमारी जान खतरे में है। इंसाफ चाहिए।” बिहार में पत्रकारों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं।
क्या कटिहार में अब खबर दिखाने के लिए इजाजत लेनी पड़ेगी? प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या पत्रकारों को डर के साये में काम करना पड़ेगा? दर्पण लाइव इस घटना पर नजर रखे हुए है। अधिक अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

