कटिहार: 6 करोड़ का पुल आधार पर लटका, सांसद-विधायक लापता, ग्रामीण आक्रोशित !

कटिहार के डंडखोरा में अधूरा पुल, आधार पर लटका निर्माण कार्य

डंडखोरा, कटिहार | 22 नवंबर, 2025: कटिहार में सांसद बदला केंद्र में सरकार ने तीसरे कार्यकाल का शपथ लिया लेकिन कटिहार संसदीय क्षेत्र में बदलाव का नजारा यहां की जनता को ठेंगा दिखा रही है। दरअसल जिले की डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर पंचायत के बस्तौल सोनैली पीडब्लूडी सड़क से महेशपुर भाया माखना,झुनकी और मुख्य सड़क से जोड़ने वाली 5,96,87,301 लाख की लागत से बनने वाली पुल का निर्माण कार्य पिछले तीन सालों से आधार पर लटका हुआ है। ठेकेदार की लापरवाही तथा शासन एवं प्रशासन की उदासीनता के कारण करोड़ों की लागत से बनने वाले पुल राह में आने जाने वाले राहगीरों को मुंह चिढ़ा रही है। यह अर्ध नग्न पुल एकमात्र मूकदर्शक बनकर खड़ा है।

बताते चले कि इस पुल का निर्माण कार्य 3 सितंबर 2020 को प्रारंभ किया गया था तथा पुल का निर्माण कार्य 2 सितंबर 2021 को पूरा हो जाना था लेकिन 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य आधार पर लटका हुआ है। आपको बताते चले कि इस पल की लंबाई 142.07 मीटर है जिसमें तीन तिहाई कार्य को पूर्ण कर लिया गया है। तथा अंतिम पिलर का निर्माण कार्य आधार पर लटका हुआ है कई गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले पुल का निर्माण कार्य आधार पर लटके रहने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है आने वाले बाढ़ में दर्जानो गांव के आम आवाम को आवागमन में परेशानी भी होने वाली है सितंबर 2021 तक पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था 5 करोड़ 96 लाख 87301 रुपए की राशि खर्च करने के बाद भी पुल तैयार नहीं हो पाया है। और निर्माण कार्य अधूरा हो गया है वही पुल के निर्माण कार्य में जुटी कंपनी भी मशीनों और निर्माण सामग्री को समेटकर जा चुके हैं ।

विभाग पुल निर्माण के लिए कंपनी को करोड़ों की राशि अदा कर चुकी है ऐसे में करोड़ों की लागत से बने वाली यह पुल पिछले 3 वर्षों से आधार पर लटके रहना कहीं ना कहीं करोड रुपए का बंदरबांट होने की संभावना लोगों के द्वारा जताया जा रहा है। वही स्थानी लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा यदि समय पर पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो एक बड़ी आंदोलन करने का फैसला लिया जा सकता है। बताते चले कि पुल का निर्माण कार्य आधार पर लटके होने के कारण लोगों का आना-जाना जर्जर डायवर्सन के सहारे हो रहा है।इस जगह पिछले वर्ष 2022 में कोचिंग पढ़ने जा रहे दो बच्चों की डूब कर मौत हो गई थी। तथा रोजाना आने जाने वाले राहगीरों को किसी न किसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तथा बाढ़ के समय में कई महीनो तक लोगों की आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है।

वही स्थानीय लोगों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पुल के कुल 8 पिलर में साथ पिलर विभाग के द्वारा निर्धारित किए गए भूमि पर निर्माण किया गया है लेकिन अंतिम पिलर का निर्माण विभाग के द्वारा दिए गए जमीन पर नहीं किया गया है संवेदक के लापरवाही से पुल की दिशा दूसरी तरफ मोड़ दिया गया जिसके कारण अंतिम पिलर निजी जमीन पर आने के कारण जमीन मालिक के द्वारा निर्माण कार्य को रोक दिया गया है । बरहाल यह देखना शेष रहेगा ये पुल कब तक बन पाएगा या यूं ही एक मुख दर्श बनकर खड़ा रहेगा ।

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