महाराष्ट्र के ठाणे में बड़ा ट्रेन हादसा: लोकल ट्रेन से गिरकर 5 की मौत, 3 गंभीर घायल
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार, 9 जून 2025 को एक दुखद ट्रेन हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। मुंब्रा और दीवा रेलवे स्टेशनों के बीच एक भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन से गिरकर 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब कसारा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन और पुष्पक एक्सप्रेस एक-दूसरे को क्रॉस कर रही थीं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ थी। सुबह के व्यस्त समय में ट्रेन इतनी भरी हुई थी कि कई यात्री डिब्बों के दरवाजों पर और फुटबोर्ड पर लटककर यात्रा कर रहे थे। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल धनराज नीला ने बताया, “दो ट्रेनें—एक कसारा की ओर और दूसरी CSMT की ओर—जब एक-दूसरे के पास से गुजर रही थीं, तब फुटबोर्ड पर खड़े यात्रियों के बैग आपस में टकराए, जिससे कुछ लोग संतुलन खोकर पटरियों पर गिर गए।”
हादसे की सूचना सबसे पहले कसारा जाने वाली एक लोकल ट्रेन के गार्ड ने दी, जिन्होंने पटरियों पर घायल यात्रियों को देखा। रेलवे और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों, विशेष रूप से कालवा के शिवाजी अस्पताल और ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की उम्र 30 से 35 साल के बीच थी। घायल यात्रियों में से एक, तुषार भगत, ने बताया, “मुझे ठीक से याद नहीं कि क्या हुआ। एक एक्सप्रेस ट्रेन पास से गुजर रही थी, और मुंब्रा के पास मोड़ पर दरवाजे पर खड़े लोग दबाव में आ गए। मैं भी गिर गया।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, और घायलों का इलाज चल रहा है। रेलवे ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।”
हादसे ने मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़भाड़ और सुरक्षा की कमी को फिर से उजागर किया है। ठाणे के शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने जांच की मांग करते हुए कहा, “यह समझना जरूरी है कि यात्री कैसे गिरे। क्या यह सिर्फ भीड़ की वजह से हुआ, या कोई और कारण था, जैसे धक्का-मुक्की या झगड़ा? प्रशासन को सतर्क रहना होगा।” वहीं, विपक्षी नेता अंबादास दानवे ने X पर पोस्ट करते हुए इस हादसे को “दिल दहलाने वाला और गंभीर” बताया और रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठाए।
रेलवे ने घोषणा की है कि मुंबई उपनगरीय ट्रेनों के लिए बन रही सभी नई रेक में अब ऑटोमैटिक डोर-क्लोजिंग सिस्टम होगा। इसके अलावा, मौजूदा रेक को भी इस सुविधा के साथ अपग्रेड किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग और कार्यकर्ता लंबे समय से मुंब्रा-दीवा खंड में अतिरिक्त शटल सेवाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे की मांग कर रहे हैं।
इस हादसे से सेंट्रल रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि सेवाएं अब सामान्य हो चुकी हैं। पुलिस और रेलवे प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की मदद ली जाएगी।
मुंब्रा-दीवा खंड में ट्रेन हादसे कोई नई बात नहीं हैं। पिछले आठ महीनों में इस क्षेत्र में 26 से ज्यादा यात्री ट्रेन से गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं। यह हादसा मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तत्काल जरूरत को रेखांकित करता है।

