8वें पोषण पखवाड़े की तैयारी: बिहार में मातृ-शिशु पोषण पर जोर, सचिव बंदना प्रेयषी ने की समीक्षा बैठक

समाज कल्याण सचिव बंदना प्रेयषी 8वें पोषण पखवाड़े की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए

समाज कल्याण विभाग, बिहार की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी की अध्यक्षता में 8वें पोषण पखवाड़ा (9 से 23 अप्रैल 2026) के सफल आयोजन को लेकर आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के नोडल पदाधिकारियों और विकास भागीदारों ने हिस्सा लिया।

बैठक में पखवाड़े के उद्देश्यों, गतिविधियों और प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। सचिव महोदया ने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य लक्ष्य माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में समग्र सुधार लाना है, खासकर जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस वर्ष की थीम के तहत मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए प्रारंभिक वर्षों में खेलकूद आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए माता-पिता और समुदाय की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग हासिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही स्तनपान, पूरक पोषण (ऊपरी आहार) और पोषण व्यवहार में सुधार को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

श्रीमती बंदना प्रेयषी ने राज्य के पिछले प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कहा कि बिहार ने पोषण माह में देश में प्रथम स्थान और पोषण पखवाड़ा में चौथा स्थान हासिल किया था। उन्होंने निर्देश दिया कि इस बार बेहतर समन्वय और नवाचार के जरिए इन उपलब्धियों को और आगे बढ़ाया जाए।

सचिव महोदया ने जोर देकर कहा, “पोषण पखवाड़ा की सफलता के लिए सभी विभागों की समन्वित और सक्रिय भूमिका अत्यंत जरूरी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।”

उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं को संवेदनशील और प्रशिक्षित बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उनकी भूमिका अभियान की सफलता में सबसे महत्वपूर्ण है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों को “एपी सेंटर” के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया ताकि वे स्थानीय स्तर पर सभी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकें। पुरुषों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय के सहयोग के बिना पोषण लक्ष्यों को हासिल करना संभव नहीं है।

बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी और डेवलपमेंट पार्टनर्स ने पखवाड़े को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। अब 9 अप्रैल से शुरू होने वाले 8वें पोषण पखवाड़े में पूरे बिहार में जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक गतिविधियां और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा।

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