ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध नगर के सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान परिषद, और किसान एकता संघ के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जुलूस निकाला और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांगों में 10% विकसित भूखंड, आबादी क्षेत्रों का तत्काल समाधान, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना, किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमों की वापसी, और भूमिहीन परिवारों के लिए वेंडिंग जोन में दुकानों का आरक्षित आवंटन शामिल है।
प्रदर्शन में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के जिला अध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, राजकरण सिंह, मुकेश कुमार राघव, और अमीचंद के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता शामिल हुए। गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि वे किसानों के हक की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने और न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये घोषित करने की मांग उठाई, साथ ही 9 जुलाई 2025 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल में किसानों से हिस्सा लेने की अपील की।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की नेता चंदा बेगम, रेखा चौहान, गुड़िया देवी, और इशरत जहां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। जुलूस का नेतृत्व किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा, जगबीर नंबरदार, वीर सिंह नेताजी, सुखबीर खलीफा, उदल आर्य, सोरन प्रधान, और प्रमोद शर्मा ने किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की, अन्यथा आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। जिला प्रशासन ने कहा कि मांगों को उच्च स्तर पर भेजा गया है, और जल्द ही किसान नेताओं के साथ बैठक होगी। यह प्रदर्शन गौतम बुद्ध नगर में किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उजागर करता है।