कटिहार में फिल्मी अंदाज में 6 लाख की फर्जी लूट की साजिश, मक्का व्यवसायी गिरफ्तार
बिहार के कटिहार जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मक्का व्यवसायी ने बॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित होकर लूट की झूठी कहानी गढ़ी। इस सनसनीखेज घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। यह मामला कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र का है, जहां मक्का व्यवसायी धर्मेन्द्र कुमार दास ने पुलिस को बताया कि दो बाइक सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर उससे 6 लाख 10 हजार रुपये लूट लिए। लेकिन जांच के बाद यह पूरा मामला झूठा निकला, और धर्मेन्द्र ने खुद ही इस साजिश को अंजाम दिया था।
धर्मेन्द्र कुमार दास ने कोढ़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 मई 2025 को वह अपने व्यवसाय के सिलसिले में जा रहा था, तभी दो बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोककर हथियार दिखाया और उसका बैग छीनकर फरार हो गए, जिसमें 6 लाख 10 हजार रुपये नकद थे। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कटिहार पुलिस ने तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू की, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, और संदिग्धों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध बिंदु नजर आए। सीसीटीवी फुटेज में कोई भी बाइक सवार बदमाश दिखाई नहीं दिया, और धर्मेन्द्र की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। जब पुलिस ने धर्मेन्द्र से सख्ती के साथ पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा ने बताया कि धर्मेन्द्र की निशानदेही पर पुलिस ने छिपाए गए 6 लाख 10 हजार रुपये नकद, एक बैंक चेकबुक, और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। धर्मेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी, झूठी शिकायत दर्ज करने, और पुलिस जांच को गुमराह करने जैसे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने यह भी कहा कि इस मामले ने पुलिस की सतर्कता और त्वरित जांच की क्षमता को दर्शाया है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग धर्मेन्द्र की इस हरकत को न केवल गैर-जिम्मेदाराना बता रहे हैं, बल्कि इसे पुलिस और प्रशासन के समय की बर्बादी भी मान रहे हैं। कोढ़ा क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी रामेश्वर सिंह ने कहा, “ऐसे लोग समाज में विश्वास को कमजोर करते हैं। पुलिस ने सही समय पर सच्चाई का पता लगा लिया, वरना कई बेगुनाह लोग संदेह के घेरे में आ सकते थे।”
कटिहार पुलिस ने इस मामले के बाद लोगों को चेतावनी दी है कि वे ऐसी फर्जी शिकायतों से बचें। एसपी वैभव शर्मा ने कहा, “पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।”
फिलहाल धर्मेन्द्र कुमार दास को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस इस मामले में अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था। पुलिस ने किसानों और कर्जदाताओं से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है, ताकि मामले की पूरी तह तक जाया जा सके।

