प्राणपुर में बिजली विभाग की लापरवाही: मानव बल की करंट से मौत, शव दो घंटे तक पोल पर लटका
कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड के हुंडेली गांव के चाय टोला में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिजली विभाग में मानव बल के रूप में काम करने वाले भोला कुमार मंडल की 11 हजार वोल्ट के हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय लापरवाही के कारण उनका शव करीब होना चाहता है।
यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ, जब भोला कुमार मंडल बिजली की मरम्मत के लिए पोल पर चढ़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोला को 11 हजार वोल्ट के तार से करंट लगा, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण और प्राणपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने के कारण शव को पोल से उतारने में देरी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग को तुरंत सूचना दी गई थी, लेकिन दो घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली की आपूर्ति बंद नहीं की गई, जिसके कारण पुलिस भी कोई कार्रवाई करने से हिचक रही थी।

स्थानीय कांग्रेस नेता तौकीर आलम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और शव को जल्द से जल्द उतारने की मांग की। तौकीर ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक कर्मचारी की जान चली गई, और अब उनका शव भी सम्मानजनक तरीके से नहीं उतारा जा रहा। हम पीड़ित परिवार के लिए न्याय और मुआवजे की मांग करते हैं।”
बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार ठाकुर ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा, “हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि भोला कुमार मंडल 11 हजार वोल्ट के पोल पर चढ़े थे। हादसे की सूचना मिलते ही हमने कार्रवाई शुरू की, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई।” हालांकि, ग्रामीणों ने कनिष्ठ अभियंता के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि अगर समय पर बिजली काट दी जाती, तो शव को जल्दी उतारा जा सकता था।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब बिजली विभाग की लापरवाही से इस तरह की घटनाएं हुई हों। हाल ही में पूर्णिया में एक बिजली मिस्त्री की पोल से गिरने के कारण मौत हो गई थी, और वहां भी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा था।कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड के हुंडेली गांव के चाय टोला में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिजली विभाग में मानव बल के रूप में काम करने वाले भोला कुमार मंडल की 11 हजार वोल्ट के हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय लापरवाही के कारण उनका शव करीब होना चाहता है।
यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ, जब भोला कुमार मंडल बिजली की मरम्मत के लिए पोल पर चढ़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोला को 11 हजार वोल्ट के तार से करंट लगा, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण और प्राणपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों के नहीं पहुंचने के कारण शव को पोल से उतारने में देरी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग को तुरंत सूचना दी गई थी, लेकिन दो घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली की आपूर्ति बंद नहीं की गई, जिसके कारण पुलिस भी कोई कार्रवाई करने से हिचक रही थी।
स्थानीय कांग्रेस नेता तौकीर आलम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और शव को जल्द से जल्द उतारने की मांग की। तौकीर ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक कर्मचारी की जान चली गई, और अब उनका शव भी सम्मानजनक तरीके से नहीं उतारा जा रहा। हम पीड़ित परिवार के लिए न्याय और मुआवजे की मांग करते हैं।”
बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार ठाकुर ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा, “हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि भोला कुमार मंडल 11 हजार वोल्ट के पोल पर चढ़े थे। हादसे की सूचना मिलते ही हमने कार्रवाई शुरू की, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई।” हालांकि, ग्रामीणों ने कनिष्ठ अभियंता के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि अगर समय पर बिजली काट दी जाती, तो शव को जल्दी उतारा जा सकता था।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब बिजली विभाग की लापरवाही से इस तरह की घटनाएं हुई हों। हाल ही में पूर्णिया में एक बिजली मिस्त्री की पोल से गिरने के कारण मौत हो गई थी, और वहां भी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा था।

