कटिहार: जीविका दीदियों का हंगामा, सीएम कंचन कुमारी पर लोन वसूली का आरोप !
कटिहार, बिहार | 23 सितंबर, 2025: बिहार के कटिहार जिले के डंडखोरा प्रखंड में जीविका समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने बुधवार को डंडखोरा जीविका कार्यालय पर प्रदर्शन कर हंगामा मचाया। महिलाओं ने कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) कंचन कुमारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल विभागीय कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि कंचन कुमारी ने समूहों से बैंक लोन की किस्तों के नाम पर पैसे वसूले, लेकिन वह राशि बैंक में जमा नहीं की गई, जिसके चलते महिलाओं को स्वरोजगार योजनाओं के फॉर्म भरने और लाभ लेने से वंचित किया जा रहा है।
दीदियों की आपबीती: ‘पैसे दिए, लेकिन बैंक में नहीं पहुंचा’
बिस्मिल्ला ग्रुप की सदस्य बेबी जानती ने बताया, “हमारे ग्रुप ने 10 हजार रुपये लोन लिया था। किस्त के रूप में वह पूरा पैसा सीएम कंचन कुमारी को दिया गया, ताकि बैंक में जमा हो सके। लेकिन आज पता चला कि वह पैसा बैंक में जमा ही नहीं हुआ। यह सिर्फ हमारे साथ नहीं, बल्कि कार्यालय में मौजूद सभी दीदियों के साथ हुआ है। हम चाहते हैं कि कंचन कुमारी पर सख्त कार्रवाई हो और हमें स्वरोजगार योजनाओं का पूरा लाभ मिले।”
इसी तरह, महालक्ष्मी ग्रुप की पांची देवी ने कहा, “हमें स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये जीविका के माध्यम से मिलने वाली सुविधा से वंचित किया जा रहा है। पहले ग्रुप के माध्यम से बैंक में पैसा जमा करने को कहा जाता था, लेकिन हमने सीएम आशा देवी और कंचन कुमारी को पैसे दे दिए। वह पैसा बैंक में जमा नहीं हुआ, बल्कि उनकी निजी जरूरतों में खर्च कर दिया गया। आज हमें फॉर्म भरने से रोका जा रहा है।”
नामनी देवी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “हमारे ग्रुप से 4 हजार रुपये लिए गए थे। सारा पैसा कंचन कुमारी को लौटा दिया, लेकिन वह बैंक में जमा नहीं किया गया। इसके चलते हमें भी फॉर्म भरने से रोका गया है। हम गरीब महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन ऐसी धोखाधड़ी से सब बर्बाद हो रहा है।”
बीपीएम का बयान: पुराना मामला, लेकिन कार्रवाई होगी
डंडखोरा प्रखंड के बीपीएम (ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर) सूरज कुमार ने बताया, “यह पुराना मामला है। सीएम कंचन कुमारी द्वारा पैसे की गड़बड़ी सामने आई थी। हमने दीदियों के समूहों में जाकर बातचीत की, लेकिन कोई आगे आने से कतराई। फिर भी, हमने वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा है और थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई है। बहुत जल्द कार्रवाई होगी। अगर कहीं और ऐसी जानकारी मिलती है, तो निश्चित रूप से सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
भरैली पंचायत से सैकड़ों जीविका दीदियां कार्यालय पहुंचीं और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह समस्या केवल एक ग्रुप तक सीमित नहीं, बल्कि सभी प्रभावित समूहों में फैली हुई है। महिलाओं ने स्वरोजगार योजना के फॉर्म भरने की अनुमति और खोई हुई राशि की वसूली की मांग की।


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