कटिहार: कटिहार जिले के कोढा प्रखंड की दिघरी पंचायत में मक्के की शानदार पैदावार को लेकर किसान गजेंद्र कुमार यादव ने एक किसान संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में पंचायत के कई किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। गजेंद्र ने बताया कि वे कई वर्षों से मक्के की खेती कर रहे हैं, लेकिन इस बार लक्ष्मी दादा ब्रांड के बीज का इस्तेमाल करने से उनकी फसल की पैदावार पहले से कहीं बेहतर रही। आंधी, बारिश और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी उनकी फसल को कोई खास नुकसान नहीं हुआ, जो अन्य किसानों की तुलना में अधिक उत्पादन दे रही है।
आशा एग्री साइंस के प्रतिनिधि राजीव कुमार झा ने संगोष्ठी में किसानों से अपील की कि वे हमेशा ब्रांडेड बीज का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय बीज न केवल अच्छी पैदावार सुनिश्चित करते हैं, बल्कि ठगी की स्थिति में कंपनी द्वारा मुआवजा भी दिया जाता है। राजीव ने सलाह दी कि बीज खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए।
दिघरी के किसानों में इस बंपर पैदावार से खुशी की लहर है। संगोष्ठी में शामिल किसानों ने गजेंद्र के अनुभव से प्रेरणा ली और लक्ष्मी दादा बीज के उपयोग की सराहना की। कटिहार जिले में मक्के की खेती को नकदी फसल के रूप में अपनाने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है, और इस तरह के आयोजन उन्हें नई तकनीकों और संसाधनों से जोड़ने में मदद कर रहे हैं। जिला कृषि विभाग के अनुसार, कटिहार में इस साल 88 हजार हेक्टेयर में रबी मक्के की खेती की गई, जिसका औसत उत्पादन प्रति एकड़ 50 क्विंटल रहा है।