कटिहार में आदिवासी संगठन का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 8 सूत्री ज्ञापन: 2027 जनगणना में ‘सरना धर्म कोड’ की मांग

कटिहार में आदिवासी कार्यकर्ता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम सरना धर्म कोड ज्ञापन सौंपते हुए

कटिहार, 23 मार्च 2026: आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कटिहार में जिला पदाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम 8 सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देशभर के लगभग 15 करोड़ आदिवासियों को संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत अलग धार्मिक पहचान देने और 2027 की जनगणना में ‘सरना धर्म कोड’ के लिए अलग कॉलम शामिल करने की प्रमुख मांग रखी गई है।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासियों को जनजाति का दर्जा तो मिल चुका है, लेकिन अनुच्छेद 25 के मौलिक अधिकार के अंतर्गत धर्म की स्वतंत्रता अभी भी नहीं मिल पाई है। उन्होंने इसे आदिवासी समाज के साथ “घोर अन्याय” बताया।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु:
आदिवासी प्राकृतिक पूजक हैं। वे सूर्य, चंद्रमा, धरती, पर्वत, नदी, वृक्ष और जीव-जंतुओं की पूजा करते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य प्रणाली का अनुपम उदाहरण है।
आदिवासी समाज में वर्ण व्यवस्था, दहेज प्रथा या छुआछूत जैसा कोई भेदभाव नहीं है। वे न हिंदू हैं, न मुसलमान, न ईसाई—उनकी धार्मिक मान्यताएं और संस्कृति पूरी तरह विशिष्ट हैं।
जब जैन, बौद्ध, सिख जैसे छोटे धर्मों को जनगणना में अलग कोड मिल चुका है, तो 15 करोड़ सरना धर्म मानने वाले आदिवासियों के साथ भेदभाव क्यों?
यह मांग संयुक्त राष्ट्र के विश्व आदिवासी अधिकार घोषणा-पत्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप है।
आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सालखान मुर्मू ने पिछले कई वर्षों से धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन सौंपते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा, “हम कब तक अपने मौलिक अधिकारों से वंचित रहेंगे? 2027 की जनगणना हमारा अंतिम मौका है। यदि सरकार सरना धर्म कोड नहीं देती, तो यह आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान या ईसाई बनाने का षड्यंत्र साबित होगा।”
जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर केंद्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया है। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
यह घटना आदिवासी समाज में लंबे समय से चल रहे सरना धर्म की अलग मान्यता के संघर्ष का नया अध्याय मानी जा रही है।
मौजूद प्रमुख नेता:

  • बिहार प्रदेश संयोजक: श्री चंदू मुर्मू
  • आदिवासी सेंगल अभियान कटिहार: श्याम लाल हेम्ब्रम, अनिल किस्कू, युवा छात्र मोर्चा
  • अनुमंडल परगना: सर्वान कुमार सोरेन
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष: पूर्व सांसद सालखान मुर्मू
  • ज्ञापन पूरे देश के 5 राज्यों में जिला पदाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया।

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