प्रशांत किशोर: जन सुराज में जनता चुनेगी उम्मीदवार, RJD-BJP जैसे टिकट नहीं बिकेंगे !
गोपालगंज, बिहार | 13 सितंबर, 2025
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के दौरान गोपालगंज के हथुआ विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने सबेया एयरपोर्ट मैदान में ‘बिहार बदलाव जनसभा’ को संबोधित किया। जनसभा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया और जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर स्पष्टता दी। साथ ही, उन्होंने गोपालगंज की जनता से बड़े वादे किए।
राहुल गांधी के उस बयान पर कि प्रशांत किशोर उनके फोकस में नहीं हैं, प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी बहुत बड़े आदमी हैं। उनके फोकस में बिहार का युवा नहीं, बल्कि देश और मोदी हैं। हम लोगों को बिहार से मतलब है। राहुल गांधी प्रधानमंत्री के परिवार से हैं, प्रधानमंत्री के बेटे हैं। उनके फोकस में प्रशांत किशोर या बिहार कैसे आएगा!” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को बिहार के युवाओं से मतलब नहीं है, बल्कि लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव से मतलब है। लेकिन प्रशांत किशोर को बिहार के युवाओं से मतलब है और बिहार से पलायन को रोकना है।
जन सुराज पार्टी से टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि उम्मीदवारी के आवेदन के लिए 21 हजार रुपये की फीस है, जो कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “फिर जनता जिसे चुनेगी, वही उम्मीदवार बनेगा। यह कोई RJD, BJP या कांग्रेस नहीं है जहां टिकट बिकता है। यहां जनता चुनेगी कि किसे जन सुराज का उम्मीदवार बनाना है।”
प्रशांत किशोर ने गोपालगंज की जनता से बड़े वादे करते हुए कहा कि दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा, जब तक सरकारी स्कूलों में सुधार नहीं होता, तब तक 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की निजी स्कूलों में पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी, ताकि गरीब बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ सकें। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। छठ के बाद गोपालगंज के युवाओं को 10-12 हजार रुपये की मजदूरी के लिए घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार भर के ऐसे 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें यहीं 10-12 हजार रुपये का रोजगार दिया जाएगा।
यह जनसभा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच हुई, जहां प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एक नई विकल्प के रूप में उभर रही है। उनके ये वादे और टिप्पणियां राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

