कटिहार के शीतलमनी पंचायत में सड़क निर्माण की मांग, अतिक्रमण बना बाधा ।
कटिहार जिले: आजमनगर प्रखंड अंतर्गत शीतलमनी पंचायत के वार्ड नंबर 10 के ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुखर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सड़क होने के बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने से आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है। अतिक्रमण से बिगड़े हालात स्थानीय निवासियों के अनुसार, वार्ड नंबर 10 में सरकारी जमीन पर बनी सड़क पर कई लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया है।
कुछ स्थानों पर दुकानें, मकान, और अन्य संरचनाएं बना ली गई हैं, जिसके कारण सड़क का उपयोग लगभग असंभव हो गया है। खासकर बरसात के मौसम में कीचड़ और जलजमाव की स्थिति आवागमन को और कठिन बना देती है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल, मरीजों को अस्पताल, और किसानों को बाजार तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों की मांग और शिकायत शीतलमनी पंचायत के निवासी रामप्रसाद यादव (बदला हुआ नाम) ने दर्पण लाइव टीवी को बताया, “यह सड़क हमारे लिए जीवन रेखा की तरह है, लेकिन अतिक्रमण के कारण हमारा जीना मुहाल हो गया है।
हमने कई बार स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” एक अन्य ग्रामीण, सुनीता देवी ने कहा, “हमारे बच्चे स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करते हैं, क्योंकि सड़क पर अतिक्रमण ने रास्ता बंद कर दिया है।
प्रशासन को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।”जिला प्रशासन से मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाए।
उन्होंने बिहार पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 के तहत कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र का आर्थिक विकास भी होगा।प्रशासन की स्थिति हालांकि, इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
दर्पण लाइव टीवी समाचार ने आजमनगर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कटिहार जिले में अतिक्रमण और सड़क निर्माण से संबंधित समस्याएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। उदाहरण के लिए, बरारी प्रखंड में 60 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क में अनियमितता की शिकायतें दर्ज की गई थीं
स्थानीय जानकारों का मानना है कि इस समस्या के समाधान के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं । जिला प्रशासन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से सड़क की जमीन का सर्वेक्षण कर अतिक्रमण की पहचान करनी चाहिए।
अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी कर निश्चित समय के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश देना चाहिए। अतिक्रमण हटने के बाद, पंचायती राज विभाग या जिला परिषद के माध्यम से सड़क निर्माण के लिए बजट आवंटन और कार्य शुरू किया जाना चाहिए। स्थानीय पंचायत और ग्रामीणों को इस प्रक्रिया में शामिल कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।ग्रामीणों का संकल्प
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से प्रदर्शन और धरना देने को मजबूर होंगे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिंह ने कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन अगर प्रशासन नहीं जागा, तो हमें सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
शीतलमनी पंचायत के वार्ड नंबर 10 में सड़क निर्माण और अतिक्रमण की समस्या ग्रामीणों के लिए एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। यह न केवल आवागमन की समस्या है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास से भी जुड़ा हुआ है। दर्पण लाइव टीवी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है और प्रशासन से आग्रह करता है कि ग्रामीणों की मांगों पर तत्काल ध्यान दिया जाए। हम इस मामले पर आगे भी नजर रखेंगे और किसी भी नए अपडेट को आपके सामने लाएंगे।दर्पण लाइव टीवी समाचार के साथ बने रहें, हर खबर, हर अपडेट के लिए। धन्यवाद !

