मुरादाबाद के भोजपुर में PM आवास योजना में रिश्वत का आरोप, नगर पंचायत कार्यालय में महिलाओं और सभासदों का हंगामा
मुरादाबाद जिले के भोजपुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार, 6 जून 2025 को उस समय हंगामा मच गया, जब सैकड़ों महिलाओं और सभासदों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM आवास योजना) में रिश्वतखोरी और धांधली का आरोप लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर जमा हुए और नारेबाजी करते हुए सफाईकर्मी रिंकू पाल पर आवास आवंटन के नाम पर 3,000 से 5,000 रुपये तक की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल सभासद यासीन मलिक ने बताया, “नगर पंचायत में तैनात सफाईकर्मी रिंकू पाल ने कई गरीब परिवारों से PM आवास योजना के तहत मकान दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली है। यह सब अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह की शह पर हो रहा है।” सभासदों का आरोप है कि नीतू सिंह ने रिंकू पाल को इस काम के लिए आगे किया और आवास आवंटन की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं की गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आवास की जांच सिर्फ मोबाइल फोन के जरिए की गई, जो पूरी तरह गलत और अपारदर्शी है।
प्रदर्शन में शामिल एक शिकायतकर्ता, रानी देवी, ने गुस्से में कहा, “हमने अपने मकान के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन रिंकू पाल ने हमसे 4,000 रुपये की मांग की। जब हमने पैसे देने से मना किया, तो हमारा नाम लिस्ट से हटा दिया गया। यह गरीबों के साथ अन्याय है।” प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि कई जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिला, क्योंकि उनके पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं थे।
दूसरी ओर, अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बिल्कुल निराधार हैं। PM आवास योजना के तहत आवंटन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुआ है। किसी ने भी रिश्वत नहीं ली। ये सभासद अपनी सियासी रोटियां सेंकने के लिए हंगामा कर रहे हैं।”ราช्य मैं जांच के आदेश दे चुकी हूं।”
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने नीतू सिंह के बयान को खारिज करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। सभासदों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला प्रशासन के सामने प्रदर्शन करेंगे।
PM आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। लेकिन भोजपुर में इस योजना के गलत इस्तेमाल की शिकायतें नई नहीं हैं। इससे पहले भी मुरादाबाद के अन्य इलाकों में आवंटन में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिश्वतखोरी की वजह से कई हकदार परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
प्रदर्शन के दौरान नगर पंचायत कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। महिलाएं और सभासद नारेबाजी करते हुए रिंकू पाल और नीतू सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी, शबाना खातून, ने कहा, “हमने सालों तक किराए के मकान में जिंदगी गुजारी। सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए रिश्वत क्यों देना पड़े? हम चाहते हैं कि इस घोटाले की पूरी जांच हो।”
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, “हम सभी आरोपों की गंभीरता से जांच करेंगे। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
यह घटना मुरादाबाद में PM आवास योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। भोजपुर के लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और वे मांग कर रहे हैं कि रिश्वतखोरी में शामिल सभी लोगों को सजा दी जाए। इस मामले में अब जिला प्रशासन पर सबकी नजरें टिकी हैं कि वह कितनी जल्दी और निष्पक्ष जांच करता है।

