कटिहार के भिलाई संथाली टोला में आदिवासी युवा बिनोद मुर्मू पर हमला, शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कटिहार के भिलाई संथाली टोला में बिनोद मुर्मू पर हमले के बाद मौके पर पहुंची डंडखोरा पुलिस।

कटिहार, 15 जून 2025: बिहार के कटिहार जिले के डंडखोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भिलाई संथाली टोला में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां अखिल आदिवासी विकास परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बिनोद मुर्मू पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। इस घटना के पीछे अवैध शराब और ताड़ी कारोबार को कारण बताया जा रहा है, जो भमरौली पंचायत के मझुआ गांव निवासी निरंजन शर्मा पिछले पांच वर्षों से संचालित कर रहा है।

बिनोद मुर्मू ने दर्पण लाइव टीवी को बताया कि आज दोपहर करीब 12 बजे कुछ लोग उनके घर के पास शराब पीकर गाली-गलौज और शोर-शराबा कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। घटना की सूचना मिलने पर डंडखोरा पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निरंजन शर्मा का अवैध कारोबार क्षेत्र में अशांति का प्रमुख कारण बना हुआ है। कई बार थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अखिल आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष सिनोद उरांव ने इस घटना को आदिवासी समुदाय को बदनाम करने की साजिश करार देते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ बिनोद मुर्मू पर नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज पर हमला है। हम शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।”

वहीं, परिषद के सदस्य ऋषभ लकड़ा उर्फ रिंकू ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और समाज को बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने की अपील की। उन्होंने कहा, “अवैध शराब का कारोबार हमारे समाज को बर्बाद कर रहा है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

घटना के समय मौके पर अखिल आदिवासी विकास परिषद के कई सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद थे, जिनमें सिनोद उरांव (युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष), मनोज मुर्मू (आबूआ संथाल समाज भारत दिसोम केंद्र कमेटी सदस्य व प्रदेश सचिव), ज्ञानेश्वर सोरेन (प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ व अधिवक्ता), संजय कुजूर (मीडिया प्रभारी, कटिहार), विकास उरांव, चितरंजन उरांव (जिला सचिव), सुनील कुमार, और गणेश उरांव शामिल थे।

डंडखोरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन क्षेत्र में पहले भी शराब तस्करों द्वारा थाने पर हमले और पुलिस की निष्क्रियता के इतिहास को देखते हुए स्थानीय लोग सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पिछले कई सालों से यह अवैध कारोबार चल रहा है। पुलिस को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब यह हमला बर्दाश्त के बाहर है।”

यह घटना कटिहार में अवैध शराब कारोबार और पुलिस की कथित निष्क्रियता पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और सख्त कार्रवाई करता है, ताकि भिलाई संथाली टोला में शांति बहाल हो सके और आदिवासी समुदाय को न्याय मिल सके।

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