किरतपुर में नहाने के दौरान डूबी 9 साल की बच्ची का शव 10 घंटे बाद बरामद, कस्बे में शोक की लहर

किरतपुर में नाले के पास बच्ची की तलाश करते नगरवासी और पुलिस।

बिजनौर, 17 जून 2025: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किरतपुर कस्बे में एक दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां मंगलवार सुबह बारिश के दौरान नहाते समय 9 साल की बच्ची सुभाना नाले में डूब गई थी, जिसका शव करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम बरामद हुआ। शव मिलने की खबर से बच्ची के परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना किरतपुर के मनावर रोड पर मौल्ला लुकमानपुरा की है, जहां नासिर की 9 वर्षीय बेटी सुभाना मंगलवार सुबह अपने दोस्तों के साथ बारिश में नहा रही थी। इस दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाले नाले में गिर गई। साथ में नहा रहे अन्य बच्चों ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में नगरवासी बच्ची की खोजबीन के लिए मौके पर पहुंच गए।

सुभाना के शव बरामद होने के बाद शोक में डूबा परिवार।

सुबह से ही किरतपुर थाना प्रभारी और चेयरमैन अब्दुल मन्नान के नेतृत्व में नगरवासियों ने बच्ची की तलाश शुरू की। तलाशी अभियान में सहायता के लिए डोग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। नजीबाबाद के सीईओ और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद शुरू में बच्ची का कोई पता नहीं चल सका। आखिरकार, करीब 10 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद देर शाम सुभाना का शव नाले से बरामद किया गया।

शव मिलने की खबर फैलते ही बच्ची के परिजनों में कोहराम मच गया। सुभाना के पिता नासिर सऊदी अरब में रहकर काम करते हैं और इस दुखद घटना की खबर सुनकर परिवार पूरी तरह टूट गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुभाना एक हंसमुख और प्यारी बच्ची थी, जिसे पूरे मोहल्ले में बहुत प्यार मिलता था। इस हादसे ने पूरे कस्बे को गहरे सदमे में डाल दिया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक नगरवासी ने बताया, “हमने सुबह से ही बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन नाले में तेज बहाव के कारण बहुत मुश्किल हो रही थी। जब शव मिला, तो सभी की आंखें नम हो गईं। यह बहुत दुखद घटना है।”

किरतपुर थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने खुले नालों की समस्या पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नालों को ढकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

यह दुखद हादसा किरतपुर में खुले नालों की समस्या को उजागर करता है, जो बारिश के मौसम में बच्चों और आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

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