कटिहार में महादलित महिलाओं की हिम्मत: शराब के खिलाफ जंग में रचा इतिहास

कटिहार के कंदरपल्ली महादलित टोला में शराब के खिलाफ प्रदर्शन करतीं उषा देवी, अनिता देवी समेत अन्य महिलाएं और पुलिस की छापेमारी।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार और उससे जुड़ी सामाजिक समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बीच, डंडखोरा थाना क्षेत्र के द्वासय पंचायत, कंदरपल्ली महादलित टोला की महिलाओं ने शराब के खिलाफ एक अनोखा इतिहास रच दिया। शराबियों के उत्पात, मारपीट और छेड़खानी से तंग आकर इन महिलाओं ने साहसिक कदम उठाते हुए रविवार को डंडखोरा थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। उनकी सूझबूझ और सहयोग से पुलिस ने गांव में छापेमारी कर 10 लीटर देशी शराब बरामद की, हालांकि तस्कर भागने में सफल रहे।

बिहार में शराबबंदी 1 अप्रैल 2016 से लागू है, जिसका मकसद सामाजिक बुराइयों को कम करना था। फिर भी, अवैध शराब की बिक्री और इसके दुष्परिणाम, जैसे घरेलू हिंसा और असामाजिक गतिविधियां, समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कंदरपल्ली की महिलाओं ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया। उनकी इस पहल की थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार छापेमारी जारी है।

यह घटना दर्शाती है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी कितनी जरूरी है। महिलाओं ने सरकार से इस मुहिम में सहायता की मांग की है ताकि गांव को पूरी तरह शराबमुक्त बनाया जा सके। यह कदम न केवल सामाजिक सुधार की दिशा में एक मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाता है कि महिलाएं समाज में बदलाव की अगुवाई कर सकती हैं। अगर इस तरह के प्रयासों को समर्थन मिले, तो बिहार में शराबबंदी का सपना साकार हो सकता है। इस कार्य में शामिल उषा देवी,अनिता देवी,दुलारी देवी, गोगाय देवी,कंचन देवी, लुधिया देवी, रंजीत ऋषि,भीम ऋषि,उपेंद्र ऋषि,रिंकू देवी समेत दर्जनों महिला व पुरुष मौजूद थे।

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