नोएडा में झुग्गी वासियों का नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन, बेघर किए जाने के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
नोएडा, 12 जून 2025: नोएडा के सेक्टर-93 बी में 11 जून 2025 को नोएडा प्राधिकरण द्वारा झुग्गी बस्ती में की गई तोड़फोड़ के खिलाफ गुरुवार को सैकड़ों प्रभावित प्रवासी परिवारों ने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के बैनर तले नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। CPI(M) जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन को नोएडा प्राधिकरण के OSD क्रांति शेखर ने स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में कहा गया कि सेक्टर-93 बी की विक्टोरिया 606 झुग्गी बस्ती में 25 से अधिक प्रवासी परिवार पिछले 15-20 सालों से अस्थायी झुग्गियां बनाकर रह रहे हैं। ये परिवार अत्यंत गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। उनके पास कोई अन्य आवास नहीं है।
11 जून को नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तोड़फोड़ दस्ते के साथ अचानक बस्ती में कार्रवाई की। इस दौरान झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया, लोगों का सामान नष्ट कर दिया गया, और कुछ सामान उठाकर ले जाया गया। इससे परिवार गर्मी में सड़क पर बेघर हो गए। CPI(M) ने इसे संवैधानिक अधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया, जिसमें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के झुग्गी वासियों को उजाड़ने पर रोक है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जब तक सरकार या प्राधिकरण इन परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं करता, तब तक उन्हें यथास्थान रहने दिया जाए। यदि जनहित में उन्हें हटाना जरूरी है, तो उन्हें आसपास किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही, झुग्गी बस्तियों के लिए एक पुनर्वास नीति बनाकर निशुल्क मकान उपलब्ध कराए जाएं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए श्रमिक विकास संगठन के जिला अध्यक्ष विनोद पांडे ने कहा, “झुग्गी वासियों के साथ इस तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण को गरीबों के हित में काम करना चाहिए, न कि उन्हें सड़क पर लाकर छोड़ देना चाहिए।” उन्होंने प्राधिकरण की कार्रवाई को अमानवीय करार दिया।
प्रदर्शन में सेक्टर-93 बी के झुग्गी वासियों चंदा, रंजीत, प्रदीप, जीतपाल, राकेश, आकाश, बिजनेस, सुरेश, सुभाष, पप्पू, राहुल, अमित, रमेश, मंडल, जोगेंद्र, मोना, उस्मान, सलीम, बबलू, सुशीला, रियाज, साबिर, सहीम, विजयपाल और अन्य लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई को गरीब विरोधी बताया और तत्काल पुनर्वास की मांग की।
स्थानीय निवासी रंजीत ने कहा, “हम लोग सालों से यहां रह रहे हैं। हमारे पास न तो कोई और घर है, न ही इतना पैसा कि कहीं और जा सकें। प्राधिकरण ने हमें बिना किसी नोटिस के बेघर कर दिया।” एक अन्य निवासी, सुशीला, ने रोते हुए बताया, “हमारा सारा सामान तोड़ दिया गया। अब हम अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं?”
CPI(M) जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा, “नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि मानवता के खिलाफ है। हमारी मांग है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत पुनर्वास दिया जाए। हम इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।”
नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि तोड़फोड़ की कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी। हालांकि, उन्होंने ज्ञापन पर विचार करने और प्रभावित परिवारों की स्थिति की समीक्षा करने का आश्वासन दिया।
यह प्रदर्शन नोएडा में झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास और गरीबों के अधिकारों को लेकर एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हो सकता है। प्रभावित परिवारों और CPI(M) ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

